राज्यसभा में गूँजी बिहार-आंध्र की दोस्ती: संजय झा ने बताया— "नीतीश और नायडू हैं केंद्र के सबसे भरोसेमंद साथी"

राज्यसभा में गूँजी बिहार-आंध्र की दोस्ती: संजय झा ने बताया— "नीतीश और नायडू हैं केंद्र के सबसे भरोसेमंद साथी"

Bihar-Andhra Friendship Resounds in Rajya Sabha

Bihar-Andhra Friendship Resounds in Rajya Sabha

पटना। Bihar-Andhra Friendship Resounds in Rajya Sabha, राज्यसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक का समर्थन करते हुए जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा (Sanjay Kumar Jha JDU) ने गुरुवार को कहा कि यह विधेयक न केवल आंध्र प्रदेश के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि देश के संघीय ढांचे को भी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार व चंद्रबाबू नायडू केंद्र सरकार के विश्वसनीय सहयोगी हैं।

संजय झा ने कहा कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू एक दूरदर्शी और विकासोन्मुखी नेता रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू उनके सबसे विश्वसनीय सहयोगियों में शामिल थे। आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार को मजबूत बनाने में इन दोनों नेताओं की अहम भूमिका है और ये सरकार के भरोसेमंद सहयोगी हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक सहयोग और विकास के साझा विजन का यह संबंध आज भी कायम है। इसका उदाहरण हाल ही में देखने को मिला जब आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पटना आकर एनडीए के पक्ष में प्रचार-प्रसार करने पहुंचे थे। झा ने कहा कि इस चुनाव में एनडीए को व्यापक जनसमर्थन मिला है, जो जनता के विश्वास का प्रमाण है।

बिहार के विकास का उल्लेख करते हुए संजय ने कहा कि जब झारखंड का गठन हुआ था, तब बिहार में निराशा का माहौल था। लोग कहते थे कि राज्य के पास अब केवल सीमित संसाधन रह गए हैं और विकास की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं, लेकिन ऐसे कठिन समय में नीतीश कुमार जैसे नेतृत्व का उदय हुआ। जनता ने उन्हें अवसर दिया और पिछले 20 वर्षों में बिहार ने जिस तरह से प्रगति की है, वह देश के सामने एक उदाहरण है।

बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय सुधार किया है। हालिया चुनावों में जनता द्वारा दिया गया प्रचंड जनादेश इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास और सुशासन की राजनीति को स्वीकार कर रहे हैं।